जन्म कुंडली में बन रहे आर्थिक तंगी के योग 

वर्तमान समय के अनुसार हर कोई जातक यह चाहता है कि उसके पास अथाह धन हो जिससे वह अपने व अपने परिवार की हर जरूरत को पूरा कर सके। इसलिए वह जातक धन कमाने के लिए कड़ी मेहनत करता है लेकिन, कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी धन जैसी तंगी बनी रहती है और कभी अच्छा धन होने के बाद भी उसका सद्प्रयोग नहीं कर पाता है और किसी गलत कार्य में धन को गवां बैठता है। ऐसी स्थिति में वह आर्थिक तंगी से ग्रसित होने लगता है। यानी देखा जाए तो धन से जुड़ी कोई न कोई समस्या हर किसी को होती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा जातक की जन्म-कुंडली में बैठे ग्रह दोषों के प्रभाव के कारण होता है। जिसकी वजह से कुछ लोगों को अपने जीवन में धन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में जातक अपनी जन्म कुंडली में बैठे ग्रह दोषों का निवारण कर सकता है जिससे वह अपनी आर्थिक तंगी से निदान पा सके व अपने जीवन को सुखमय आनंदमय बना सके हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म-कुंडली में दूसरा भाव धन के लिए होता है और इसी भाव से कुंडली में धन की बचत को भी देखा जाता है। इसके साथ ही कुंडली का ग्यारहवां घर आमदनी और लाभ का भाव होता है तो वहीं बारहवां भाव खर्च यानि व्यय को दर्शाता है। ये तीनों भाव धन से संबंधित हैं। अगर कुंडली में ये तीनों भाव मजबूत हैं तो व्यक्ति का आर्थिक जीवन खुशहाल रहता है। अगर जन्म कुंडली की एकादश भाव में छीण चंद्रमा के साथ में राहु की युति हो तो ऐसे जातक के जीवन में सदैव आर्थिक तंगी जैसे योग बने रहते हैं।ऐसे जातक धन तो अधिक प्राप्त कर लेते हैं परंतु जीवन में उसका सदुपयोग ना कर पाने के कारण सदैव तंगी जैसे हालात बनाए रखते हैं। ग्रहों के साथ-साथ इसका एक कारण और भी होता है कि, घर में वास्तु दोष होना। कभी- कभी जातक कड़ी मेहनत का उचित व सार्थक परिणाम नहीं मिल पाता इसके लिए इसलिए घर में वास्तु दोष का प्रभाव भी हो सकता है।

आर्थिक तंगी के योग –
केमद्रुम योग –
यदि किसी कुंडली में चंद्रमा के अगले और पिछले दोनों ही घरों में कोई ग्रह न हो तो या कुंडली में जब चंद्रमा द्वितीय या द्वादश भाव में हो और चन्द्र के आगे और पीछे के भावों में कोई अपयश ग्रह न हो तो केमद्रुम योग का निर्माण होता है। इस योग के चलते जातक जीवन-भर धन की कमी परेशान रहता है।

दारिद्रय योग –
यदि किसी जन्म कुंडली में 11वें घर का स्वामी ग्रह कुंडली के 6, 8 अथवा 12वें घर में स्थित हो जाए तो ऐसी कुंडली में दारिद्रय योग बन जाता है। दारिद्रय योग के प्रबल प्रभाव में आने वाले जातकों की आर्थिक स्थिति जीवन भर खराब ही रहती है तथा ऐसे जातकों को अपने जीवन में अनेक बार आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

उपाय
बरगद के वृक्ष में कच्चा दूध चढ़ाना अगर गुरु पुष्य नक्षत्र से शुरू कर 43 दिन तक नित्य किया जाए तो कुंडली में बैठे अशुभ ग्रहों के द्वारा आ रही आर्थिक तंगी दूर होती है।

जन्म कुंडली में राहु और चंद्रमा की युति है तो ऐसी स्थिति में जातक को सोमवार से शुरू कर 21 दिन तक भगवन शिव को गन्ने के रस का अभिषेक व धतूरा अर्पित करने स आ रही आर्थिक तंगी जैसी समस्या दूर होती है।
गुरूवार के दिन जब भी आप नहाने जाएं, तो नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी डाल लें और इस पानी से स्नान करें। संभव हो तो केले के पेड़ में जल चढ़ाएं और पूजन करें। इससे आर्थिक लाभ की प्राप्ति होगी।
यदि घर में भगवान वास्तु धन कुबेर और माता की माता लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित कर नित्य प्रतिदिन उसकी पूजा की जाए तो जातक आर्थिक तंगी से दूर वह अच्छा धन प्राप्त करता है
गुरु को मजबूत और शुभ बनाने के लिए गुरुवार के दिन या हो सके तो प्रतिदिन सुबह के समय भगवान शिव को पीली कनेर का फूल अर्पित करें।

घर की दक्षिण पश्चिम दिशा में पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा रखकर प्रतिदिन की पूजा करने से आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है।
काली हल्दी की पूजा कर के यदि तिजौरी में रखा जाए और प्रतिदिन उसकी पूजा करें तो व्यापार और नौकरी में आ रही आर्थिक समस्या दूर हो जाती है।
घी में कमल गट्टे मिलाकर मां लक्ष्मी को भोग लगाने से व्यक्ति के जीवन में आ रही आर्थिक परेशानियां खत्म हो जाती है।

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